ईरडा ( IRDA ) क्या है और यह क्या काम करती है
आई आर डी ए आई ( ईरडा ) क्या है ?
आई आर डी ए आई ( ईरडा) को जाने :-
आई आर डी ए आई एक स्वायत्त निकाय है जो कि आई आर डी ए आई अधिनियम 1999 के तहत स्थापित किया गया ।
आई आर डी ए आई का लक्ष्य बीमाधारकों के हितों का रक्षा करना तथा बीमा उधोग को विनियम और विकास करना है ।
बीमा अधिनियम 1938 की धारा 114ऐ के अन्तर्गत बीमा उधोग को विनियम और विकास को बनाये रखना आई आर डी ए आई के गतिविधियों में शामिल है ।
ईरडा के कार्य:-
आई आर डी ए आई के द्वारा वर्ष 2000 से नये बीमा कम्पनी को विनियमों के अनुरूप पंजीकृत करता है ।
बीमा उधोग के स्वस्थ विकास के लिए तथा पालिसी धारक के हितों का सुरक्षा साथ ही बीमा उधोग के गतिविधियों का पर्यवेक्षन का काम करता है ।
आई आर डी ए आई बीमा कम्पनियों के मध्य लाइसेंस तथा मणदणड भी निर्धारित करता है । बीमा में व्यवसायीक संगठनों को बढ़ावा देना, बीमा कम्पनी के प्रीमियम दरों तथा शर्तो का विनियमन एवं निगरानी करना , वितीय प्रतिवेदन , बीमाधारको के निधियों के निवेश विनियमन करना साथ ही बीमा कम्पनी के साल्वेन्सी मार्जिन रखरखाव सुनिश्चित करना है ।
बीमा बाजार एवं कम्पनियां:-
भारतीय बीमा बाजार के अन्तर्गत 53 बीमा कम्पनियां हैं जिसमें 24 जीवन बीमा कम्पनी , 29 गैर जीवन बीमा कम्पनी है जो कि समान्य बीमा एवं हेल्थ इंश्योरेंस का काम करती है ।
24 जीवन बीमा कम्पनी का विवरण मैने मेरे पिछले लेख में How many Insurance companies in India में पूरे पते के साथ लिखा है जहां आप जानकारी पा सकते हैं । इन 53 बीमा कम्पनियों के अलावा रिइनसूरेनस कम्पनी और बीमा बाजार में अन्य हितधारकों के अन्तर्गत अनुमोदित बीमा एजेन्ट, कारपोरेट एजेन्ट , दलाल, समान्य सेवा केन्द्र, वेब संग्राहक, सर्वेयर , टीपीए आदि शामिल हैं ।
बीमा कम्पनी में भारतीय एवं विदेशी शेयर:-
बीमा विधि अधिनियम 2015 के तहत भारतीय बीमा कम्पनी में विदेशी निवेश की सीमा को 26% से बढाकर 49% तक
करने की वयवस्था कि गई साथ ही भारतीय सवमितव और नियन्त्रण को सुरक्षित रखा गया ।
अधिक जानकारी के लिए www.irdai.gov.in पर लौगीन करे ।
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