WHAT ARE THE 5 MOST EXPENSES OF LIFE
(1 ) बच्चों के उच्च शिक्षा से समबन्धित विषय:-
शिक्षा एक आवश्यक उपकरण है क्योंकि यह किसी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दूनिया में कौन सा वैसा अभिभावक नही होगा जो अपने से बेहतर अपने बच्चो को नही बनाना चाहेगा । अचछी शिक्षा ही देश और समाज का भविष्य बना सकता है साथ इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपने आप को ढाल सकता है ।
मेरे बच्चे एक अच्छा कैरियर पाये ये हम सभी सोचते हैं मगर क्या ये नहीं सोचेगे यह कैसे संभव होगा ?
आज एक अच्छा कैरियर कोर्स में क्या खर्चे आते हैं ? आगे 10 वर्ष, 15 वर्ष या 20 वर्ष में ये खर्चे बढकर कितना जायेगा ? हम बच्चो के भविष्य के लिए आज से सुरुआत क्यो नही कर सकते ? जरूर सोचे । कियोकि भविष्य के सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी यही है ।
(2 ) विवाह के खर्चे :-
वैवाहिक खर्चे के तो कोई अन्त ही नहीं कियोकी वर और वधु पक्ष दौनों के प्रतिष्ठा का जो बात होगा और उसमें पिसे जातें गरिब और मध्यम वर्ग । बेटी हुईं चिंता सुरू, चिंता भी क्यो ना हो बेटी भविष्य में खुश रहे ये सभी माता पिता के लिए चिंता का विषय है ।
(3 ) लाइफस्टाइल के खर्चे:-
सभी का सपना एक अच्छा घर हो और घर में सभी चीजें हो । समय-समय पर कहीं घूमने जाये दिल चाहता है कभी ना बिते । अपना कार हो ऐशोआराम के सभी वस्तुएं हो ।
( 4 ) रिटयरमेनट फण्ड:-
रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग आपके लिए बहुत अहम है. क्या आपके मन में यह सवाल उठता है कि आपका रिटायरमेंट फंड कितना बड़ा होना चाहिए?
मान लो कि आज छोटे से परिवार को चलाने के लिए 25000 माह का खर्च आता है अर्थात साल का 3 लाख क्या 10 साल पहले भी यही आता था ? नहीं!
तो आप सोचो कि आगे जब आप रिटायरमेट के उम्र में पहुंचेगे तो महंगाई नहीं बढेगी? अगर बच्चे सेटल हो जायेंगे तब बुढापे में दवाई के खर्चे नहीं बढेंगे?
अगर भविष्य में खर्चे कम हो जाये फिर भी महंगाई को ध्यान में रखते हुए अगर रिटायरमेट के 10 साल का भी वयवस्था कि बात करू तो 3 लाख × 10 वर्ष = 30 लाख तो चाहिए ही । जरूर सोचे अन्यथा कभी खुशी कभी ग़म तो जरूर देखें होंगे!
( 5 ) इमरजेन्सी फण्ड:-
अगर गौर करे तो हर किसी के पास उसके मासिक खर्चों के 4 गुने से लेकर 8 गुने के बीच काइमरजेंसी फंड होना चाहिए. मतलब, अगर आपका मासिक खर्च 25000 रुपये है तो आपके इमरजेंसी फंड में 1 लाख से लेकर 2 लाख रुपये तक होने चाहिए. कियोकी इमरजेंसी फंड व्यक्ति को आर्थिक संकट से बचा सकता है। इसी तरह मेडिकल इमरजेंसी भी अचानक से एक बड़ा आर्थिक बोझ व्यक्ति के ऊपर डाल देती है। अगर पहले से कोई इमरजेंसी फंड नहीं हो, तो व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दब सकता है।





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Iski jankari sabhi ko honi chahiye