टर्म लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी इन हिंदी
टर्म लाइफ़ इंश्योरेंस :-
मैंने अपने पहले ब्लौग में भी जीवन बीमा से समबन्धित बहुत सारे जानकारियों को कवर करने का कोशिश किया है।
जीवन बीमा बहुत ही महत्वपूर्ण है एक कमाऊ व्यक्ति जिन पर घर के पूरे जिम्मेदारियां हैं उनके लिए जीवन बीमा पॉलिसी बहुत ही जरूरी है .
वैसे जीवन बीमा की बात करें तो बीमा को ऐसे समझें-
वैसे जीवन बीमा की बात करें तो बीमा को ऐसे समझें- प्रत्येक वस्तु जिसका की कुछ मूल्य हो और उसके क्षति होने पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाए तो वैसे वस्तु की सुरक्षा जरूरी है ताकि आर्थिक संकट उत्पन्न ना हो जाए और इसके लिए जीवन बीमा बहुत ही जरूरी है।
जीवन बीमा कंपनी के पास बहुत सारे पॉलिसी विकल्प:-
वैसे तो जीवन बीमा कंपनी के पास बहुत सारे पॉलिसी विकल्प है परन्तु टर्म प्लान का अपना एक अलग महत्व है वैसे तो टर्म प्लान पहले भी था लेकिन लोग नहीं समझते थे आज के तारीख में टर्न प्लान को लेकर लोगों में जागृति आई है लोगों को समझ में आने लगा है कि टर्म प्लान जरूरी है।
किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार वालों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए वर्तमान समय में टर्म पालिसी में निवेश के लिए अच्छे और जरूरी विकल्प के रूप में आज के नए युग में टर्म प्लान उभर कर सामने आया है ।
आज के इस दौर में जहां यह सभी जानने लगे हैं कि जिंदगी कब तक है कब तक नहीं है ऐसी स्थिति में में हर कोई परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहता है ।
उन लोगों के लिए जो घर में अकेले कमाने वाले हैं और घर की पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर है उनके लिए टर्म प्लान बहुत ही बेहतर विकल्प है
हम बात करते हैं टर्म प्लान क्या है ?
टर्म प्लान एक ऐसी बीमा पॉलिसी है जिसमें बीमित व्यक्ति एक निश्चित अंतराल अर्थात जितने दिनों का उन्होंने पॉलिसी लिया है उतने दिनों तक प्रीमियम का भुगतान करते रहते हैं और बीमा कंपनी उस पॉलिसी टर्म के दरमियान अगर दुर्भाग्यवश उस बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके एवज में जितने का बीमा करवाए हैं अर्थात एक निश्चित राशि का भुगतान करने की वादा करती है लेकिन यदि पॉलिसी धारक पॉलिसी टर्म को पूरा कर लेता है और वह जीवित रहता है उसी स्थिति में टर्म पॉलिसी के तहत उन्हें किसी प्रकार की लाभ देय नहीं होता है ।
प्रीमियम वापस :-
कुछ बीमा कंपनियों ने ऐसे टर्म प्लान भी पेश किए हैं जिसमें कंपनियां पॉलिसी अवधि पूर्ण होने पर भी भुगतान करते है अर्थात प्रीमियम वापस कर देते हैं परंतु इस प्रकार के बीमा पॉलिसी कि प्रीमियम पयोर टर्म प्लान की अपेक्षा ज्यादा होती है ।
दो प्रकार के परंपरागत प्लान:-
वैसे तो जीवन बीमा कंपनियों में मुख्य रूप से दो प्रकार के परंपरागत प्लान होते हैं जिसमें एक बचत के साथ में बीमा दूसरा टर्म प्लान । बचत के साथ बीमा पॉलिसी का प्रीमियम टर्म प्लान के अपेक्षा कई गुना ज्यादा होता है क्योंकि बचत सह बीमा प्लान में कंपनियों को उन्हें बीमा राशि भी वापस करना होता है साथ ही उस पर अर्जित बोनस भी परंतु टर्म प्लान में ऐसा नहीं होता है क्योंकि टर्म प्लान मैं पालिसी की अवधि पूर्ण होने पर कोई मेच्योरिटी राशि नहीं मिलती है जिसके कारण इसका प्रीमियम काफी कम होता है। अगर बीमित व्यक्ति के साथ कोई हादसा हो जाए वैसी स्थिति में ही उन्हें डेथ क्लेम के रूप में उनके नॉमिनी को उसका लाभ दिया जाताा है ।
टर्म प्लान कितने का हो अथवा कौन ले सकता है:-
18 से 55 वर्ष के सभी व्यक्तियों को अपने आय का 10 गुणा जीवन बीमा जरूर रखना चाहिए अर्थात 7 से 10 लाख सालाना कमाने वाले व्यक्ति को 70 लाख से 1 करोड़ तक का टर्म पालिसी जरूर करवाना चाहिए। प्रीमियम की अगर बात करें तो लगभग ₹8000 सलाने से लेकर ₹15000 सालाना तक के प्रीमियम हो सकते हैं यानी सालाना आमदनी का एक से डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम के तौर पर देकर व्यक्ति 70 से 80 लाख तक का बीमा करवा सकता है ।
बीमा तथ्य :-
बीमा कंपनी के सामने अपने स्वास्थ्य और अपने वित्तीय स्थिति के बारे में पूरा और इमानदारी से विवरण देना चाहिए कि दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में क्लेम का निपटारा आसानी से हो सके।
बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं-
वैसे सभी बीमा कम्पनी को बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि पॉलिसी के 2 साल पूरे होने के बाद कोई भी बीमा कंपनी तथ्यों को छिपाने के आधार पर किसी के मृत्यु दावा को खारिज नहीं कर सकता, यही कारण है कि ज्यादातर बीमा कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट प्रतिशत आज के डेट में 95% से 99% तक है ।
क्लेम सेटेलमेंट में कोई दिक्कत ना आए उसके लिए निवेशकों को अपने स्वास्थ्य या वित्तीय स्थिति को लेकर कोई जानकारी नहीं छुपानी चाहिए अगर निवेशक स्मोकर हैं तो उसे निश्चित तौर पर यह जानकारी देना चाहिए इससे उनका प्रीमियम जरूर ज्यादा लगेगा परंतु क्लेम सेटेलमेंट में दिक्कत नहीं आएगी ।
मेडिकल जांच:-
बीमा कंपनी की तरफ से बिमित व्यक्ति का मेडिकल टेस्ट भी करवाया जाता है रिपोर्ट टेस्ट के आधार पर टीम प्रीमियम में बदलाव भी कर सकते हैं .
टर्म प्लान ऑनलाइन
आज की तारीख में ज्यादातर टर्म प्लान ऑनलाइन बिक रहे हैं और इसके लिए पॉलिसी बाजार या अन्य बहुत सारे ऑनलाइन बीमा बेचने वाली कंपनियां है जो ऑनलाइन बीमा पॉलिसी बेच रही हैं जहां से प्लान पॉलिसी लेना बेहतर है ।
अतिरिक्त राइडर
टर्म प्लान अतिरिक्त राइडर के साथ उपलब्ध है जो काफी कम खर्च पर अतिरिक्त लाभ देते हैं जिससे दुर्घटना में होने वाली मृत्यु स्थाई आंशिक अपंगता गंभीर बीमारी प्रीमियम में अंडर सेक्शन 80c के तहत छूट एवं अन्य लाभ ।
कितने का ?
टर्म प्लान कितने का लेना सही है इस सवाल का जवाब निवेशक को अपनी जरूरतों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आय को ध्यान में रख कर के ही लेना चाहिए अगर सलाहकारों की माने तो बढ़ती हुई महंगाई को ध्यान में रखते हुए टर्म प्लान का कवर निवेशक की वार्षिक आय का कम से कम 10 गुना तो जरूर होना चाहिए । बाजार में एक करोड़ तक का टर्म प्लान तर्कसंगत प्रीमियम के साथ में उपलब्ध है और यह एक अच्छा राशि भी है ।
टर्म इंश्योरेंस सलाहकारों को माने तो निवेशक को अपने 80 - 85 साल तक के कवरेज के लिए टर्म प्लान लेना चाहिए ताकि एक औसत उम्र से पहले मृत की स्थिति में नॉमिनी को इसका फायदा मिल सके।
कम से कम रिटायरमेंट की उम्र तक तो लेना ही चाहिए ताकि वहां तक जो जिम्मेदारियां हैं समाप्त हो जाती है जिम्मेदारी के रहते उसका सुरक्षा भी जरूरी है ।
जयादा उम्र जयादा प्रीमियम:
कितने सालों तक का पॉलिसी हो तो सलाहकारों को मानें तो 80 साल तक लेना चाहिए , एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि उम्र बढ़ने के साथ बीमा प्रीमियम में भी बढ़ोतरी होती है । कम उम्र में स्वास्थ्य समस्या कम होती है इसीलिए कम उम्र में प्रीमियम भी कम होता है और इसलिए बीमा खारिज होने की संभावना कम रहती है ।
देर ना करें बीमा बहुत ही जरूरी है ।


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