जीवन बीमा की आवश्यकता विश्लेषण क्या है? Needs Analysis of Life insurance.
जीवन बीमा की आवश्यकता विश्लेषण क्या है? Needs Analysis of Life insurance.
Life insurance को लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे हैं कि यह है क्या? Life insurance के 60% पॉलिसी किसी के बोलने पर जिद करने पर वगैर अनुभव के ही लोग ले लेते हैं । जबकि लाइफ में कई ऐसे स्टेज हैं जहां हमें खाश प्रकार के जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन करना होता।
जीवन के चरण और आवश्यकताएँ ( Kind Of Need ):-
Protection ( सुरक्षा )
1) From Early Death ( शीघ्र मृत्यु से सुरक्षा )
2) Disability ( अपंगता )
3) Disease ( बीमारी)
Fund For Major Life Event:-
1) Child Education ( बच्चों के शिक्षा)
2) Child Higher Education ( बच्चों के उच्च शिक्षा)
3) Child Marriage ( बच्चों के विवाह)
4) House ( अपना घर)
5) Retirement ( सेवा-निवृत्ति )
उपरोक्त इन सभी के लिए फाइनैंशल प्लानिंग की आवश्यकता होती है।
जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन के साथ साथ जीवन में रिस्क भी है अप्रकाशित घटना दुर्घटना भी है।
जीवन बीमा योजना में आवश्यकता दृष्टिकोण का उपयोग किसी व्यक्ति को आवश्यक बीमा कवरेज की मात्रा का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। जरूरतों का दृष्टिकोण आवश्यक खर्चों के साथ-साथ ऋण और दायित्वों जैसे बंधक या कॉलेज खर्चों को कवर करने के लिए आवश्यक धन की मात्रा पर विचार करता है।
क्या जरूरतें हर किसी की एक जैसी होती हैं?
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जीवन के किस पड़ाव पर हैं, जरूरतें तो होती ही हैं---
अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को देखें । एक बेहतर योजना बनाएं :-
जीवन की घटनाओं के लिए ताकि जब वे घटित हों तो आप तैयार रहें।
जरूरत पड़ने पर क्या होगा...
यदि किसी के साथ कुछ घटित होता है
अगर पहले से अपने need को एनालिसिस करके योजना नहीं बनाया तो वित्तीय निहितार्थों से निपटने के संभावित तरीके अपनाए जाते हैं-
अपनी बचत से निकलेंगे---
दूसरों से उधार लेंगे...
अपनी संपत्ति बेचेंगे... या
जोखिम को किसी बीमा कंपनी को हस्तांतरित करेंगे?
अपनी सबसे मूल्यवान संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक बेहतर कदम यह होगा कि need एनालिसिस करने के साथ खाश purpos को पूरा करने के लिए लाइफ इंश्योरेंस का चयन करें क्योंकि----
कई वित्तीय विशेषज्ञ जीवन बीमा को आधारशिला मानते हैं
ठोस वित्तीय योजना. जीवन बीमा एक महत्वपूर्ण उपकरण है.... जैसे
●आश्रितों के लिए आय का प्रतिस्थापन
●अपने उत्तराधिकारियों के लिए विरासत बनाना
●बचत का स्रोत बनाना
●महत्वपूर्ण धर्मार्थ योगदान देना।
●अंतिम खर्च का भुगतान करना
●राष्ट्र निर्माण में योगदान
जीवन बीमा कवरेज की गणना के लिए आवश्यकता दृष्टिकोण और मानव जीवन मूल्य (एचएलवी) दृष्टिकोण के तरीके :-
आर्थिक मूल्य जानने के वैसे तो कई तरीके हैं फिर भी मैं कुछ सहज और आसान तरीका का विवरण प्रस्तुत करता हूँ । उदाहरण के तौर पर अगर आपकी उम्र 40 वर्ष है और आपकी धन उपार्जन करने की उम्र 60 वर्ष हो और आप सालाना 8 लाख रुपये कमाते हो तो आप अभी और 20 वर्ष कमाएगे अर्थात 20 वर्ष × 8 लाख सालाना = 16000000 तो निश्चित कमाएगे । अर्थात आज के तारीख में आपका आर्थिक रूप से मूल्य होना चाहिये 16000000 । असमर्थ हो तो तत्काल कम से कम मेरे नहीं रहने पर भी 10 वर्ष का व्यव्स्था अर्थात 800000 × 10 = 8000000 का व्यव्स्था कर ही लेना चाहिए । कम से कम 800000 × 5 = 4000000 का व्यव्स्था तो जरूर से जरूर कर लेना चाहिए ।
निष्कर्ष:-
यह दृष्टिकोण जीवन बीमा के माध्यम से किसी व्यक्ति को आवश्यक न्यूनतम आर्थिक सहायता का अनुमान लगाता है। यह बीमाधारक और उनके आश्रितों की जरूरतों पर विचार करता है, जिसमें आवश्यक खर्च, ऋण और बंधक या कॉलेज खर्च जैसे दायित्व शामिल हैं। आवश्यकताओं का दृष्टिकोण परिवार के मासिक खर्चों, चिकित्सा बीमा और अन्य कवरेज पर भी विचार करता है।https://link.upstox.com/czaaNVqnCfgjKCUk6





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