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अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ग्लिट फण्ड क्या है

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निवेश के  संभावनाएं वैसे तो निवेश के बहुत सारे संभावनाएं आज के डेट में मार्केट में है . अगर हम बात करें छोटे-छोटे निवेश के लिए बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूच्यूअल फंड,  इंसुरेंस.  जिसमें आज हम बात करेंगे म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट की .  म्यूच्यूअल फंड में काफी सारे फण्ड जहां निवेश किया जा सकता है इसमें एक फंड है गिल्ट फंड जोकि काफी बेहतरीन फंड है आज के डेट में म्यूचुअल फंड से सभी लोग अवगत हैं जहां ₹500 महीने से भी लोग मैचुअल फंड  में  पैसा जमा कर सकते हैं कई तरह के फंड जहां जब तक हम चाहे जमा करें जब इच्छा हो उसे निकाल भी सकते हैं . बस कुछ चीजों का ध्यान होना चाहिए, म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट मार्केट के अधीन है इसीलिए इन्वेस्टमेंट मार्केट से संबंधित कुछ जानकारी होनी जरूरी है   ग्लिट फण्ड क्या है ? ग्लिट फण्ड एक प्रकार का मुचुअल फण्ड है जो मुख्य रुप से मध्यम और  दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जता है ।  ग्लिट फण्ड  कम जोखिम वाली डेट  फण्ड  है जहा जोखिम कम होता है। जोखिम से परेशान निवेशक के लिये ग्लिट फण्ड एक बेह्तरिन विकल्...

जाने कौन से जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी विलय के बाद बनेगी बीमा क्षेत्र की तीसरी बड़ी कम्पनी

  जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी विलय के बाद बनेगी  बीमा क्षेत्र की तीसरी बड़ी कम्पनी:- पूर्णतः शेयरो के अदला-बदली के साथ बीमा क्षेत्रों में एक बड़ी एकीकरण  होने जा रहा है । आईसीआईसीआई जनरल इन्श्योरेन्स एवं भारती एक्सा जनरल इन्श्योरेन्स शेयरों के अदला-बदली के साथ विलय को तैयार है और इसके विलय के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी कम्पनी के रूप में सामने आयेगी आईसीआईसीआई जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी । भारती एक्सा में भारती एंटरप्राइजेज का हिस्सेदारी 51% जबकि  फ्रांस  स्थिति ज्वाइंट वेंचर पार्टनर एक्सा का हिस्सेदारी 49% है वही आईसीआईसीआई लोंबारड जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी  एक लिस्टेड बीमा कंपनी है ।  विलय के बाद भारती इंटरप्राइजेज और एक्सा दोनों ही जनरल इंश्योरेंस के कारोबार से हट जाएंगे और भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस का काम बंद हो जाएगा । 115 शेयरों पर  मिलेंगे  आईसीआईसीआई लोंबार्ड के दो शेयर:- आईसीआईसीआई लोंबार्ड के अनुसार भारती एक्सा के शेयरधारकों को कंपनी के प्रत्येक 115 शेयरों पर आईसीआईसीआई लोंबार्ड के दो शेयर मिलेंगे। आईसीआईसीआई लोंबार्ड  ने एक बयान में...

पीपीएफ खाता से 50 लाख रुपये से 1 करोड़ तक कैसे बना सकते हैं टैक्स फ्री

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 कैसे एक करोड़ रूपया पाएं पीपीएफ में आसान निवेश से ? पीपीएफ क्या है ? पब्लिक प्रोविडेंट फंड अर्थात सार्वजनिक भविष्य निधि भारत में बचत एवं कर बचत हेतु एक बेहतरीन जमा योजना है। बहुत से लोग रिटायरमेंट के समय अथवा रिटायरमेंट की उम्र में एक अच्छे  रकम चाहते हैं उनके लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ ) एक काफी अच्छा विकल्प है ।  पीपीएफ खाता कहाँ खुलवाएं और यह कितने वर्षो का होता है  :- पीपीएफ खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में खुलवाया जा सकता है और यह खाता 15 वर्षो के लिये होते हैं । पीपीएफ खाता किन के नाम से खुलवाया जा सकता है :- इसे आप अपने नाम से और नाबालिग की तरफ से किसी गार्जियन द्वारा खोला जा सकता है।  पीपीएफ खाता के लिए उम्र सीमा क्या है :-   पीपीएफ खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष एवं अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। पीपीएफ खाते में कम से कम और अधिकतम कितना रकम जमा किया जा सकता है :- पीपीएफ खाता खोलने के लिए न्यूनतम राशि 100 रुपए मासिक  और  अधिकतम निवेश सीमा 150,000 रुपए प्रति वर्ष तय की गई है। किस्तों को मासिक या एकमुश्त जमा की जा सकती...

टर्म लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी इन हिंदी

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 टर्म लाइफ़  इंश्योरेंस :- मैंने अपने पहले ब्लौग  में भी जीवन बीमा से समबन्धित  बहुत सारे जानकारियों को कवर करने का कोशिश किया है।  जीवन बीमा बहुत ही महत्वपूर्ण है एक कमाऊ व्यक्ति जिन पर घर के पूरे जिम्मेदारियां हैं उनके लिए जीवन बीमा पॉलिसी बहुत ही जरूरी है .   वैसे जीवन बीमा की बात करें तो बीमा को ऐसे  समझें-  वैसे जीवन बीमा की बात करें तो बीमा को ऐसे  समझें- प्रत्येक वस्तु जिसका की कुछ मूल्य हो और उसके क्षति होने पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाए तो वैसे वस्तु की सुरक्षा जरूरी है ताकि आर्थिक संकट उत्पन्न ना हो जाए  और  इसके लिए जीवन बीमा बहुत ही जरूरी है। जीवन बीमा कंपनी के पास बहुत सारे पॉलिसी विकल्प:-  वैसे तो जीवन बीमा कंपनी के पास बहुत सारे पॉलिसी विकल्प है परन्तु टर्म  प्लान का अपना एक अलग महत्व है वैसे तो टर्म प्लान पहले भी था लेकिन लोग नहीं समझते थे आज के तारीख में टर्न प्लान को लेकर लोगों में जागृति आई है लोगों को समझ में आने लगा है कि टर्म प्लान जरूरी है। किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार वालों को आर्थिक संकट से बचा...

क्या है जीवन बीमा ई पॉलिसी और फ्री लुक पीरियड ?

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क्या है जीवन बीमा ई पॉलिसी और फ्री लुक पीरियड ? ई बीमा खाता एक पॉलिसी धारक को सक्षम बनाती है कि वह इलेक्ट्रॉनिक रूप में इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद कर रख सकें इन्हें ई पॉलिसी कहते है । आपको बता दें कि यह देश में करोना वायरस के बढ़ते मामलों और सामान्य कारोबारी गतिविधियों में आने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए बीमा नियामक इरडा ने यह फैसला लिया साथ ही जीवन बीमा कंपनियों को ईपॉलिसी जारी करने के लिए अनुमति दी है , ताकि बीमा कंपनी बीमा धारकों को ई-मेल पर पॉलिसी डॉक्यूमेंट भेज सकें ।   ईपॉलिसी सुरक्षित और खो जाने  का खतरा नहीं रहने के कारण बेहतर है । अतः बीमा धारक को ईपॉलिसी का चुनाव जरूर करना चाहिए साथ ही अगर उन्हें जरूरत है तो वह बीमा कंपनियों से फिजिकल पॉलिसी बाउंड्री ले सकता है । फ्री लुक  पीरियड क्या है ?   फ्री लुक पीरियड बीमा धारक के लिए एक सुविधा है की बीमा पॉलिसी बांड पहुंचने के बाद 15 दिनों के अंदर बीमा धारक अपने पॉलिसी बांड को पूरी तरह पढ़ कर समझ ले अगर किसी भी प्रकार का धोखाधड़ी हुआ है तो वह 15 दिन के अंदर बीमा पॉलिसी वापस कर सकता है और बीमा धारक को उस...

WHAT IS DEATH CLAIM ( जीवन बीमा मृत्यु दावा) & DOCUMENTS REQUIRED

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जीवन बीमा मृत्यु दावा :-  जीवन बीमा मृत्यु दावा के विषय  में आम आदमी को काफी भ्रम है कि बीमा कम्पनी  डेथ क्लेम मिलने में काफी दिक्कतें आते हैं । मै आपको बता दूं कि बीमा एक प्रकार का एग्रीमेंट होता है कसटमर और कम्पनी के बिच ।  अतः पालिसी लेने समय एक एक प्रश्न का उत्तर प्रस्ताव  पत्र  में सही सही देना जरूरी है और एजेन्ट को भी चाहिए कि कम्पनी के प्रतिनिधि होने के कारण सही सही जानकारी प्राप्त करे अर्थात सही तथ्य का उल्लेख प्रस्ताव पत्र में करे तो मृत्यु दावा बहुत ही आसान है ।  बीमा पॉलिसी  एक  एग्रीमेंट वैसे जीवन बीमा पॉलिसी एक लम्बे समय का एग्रीमेंट और अच्छे विश्वास का आधार होता है साथ ही इस तथ्य पर चलता है पालिसी टर्म में मृत्यु होने पर मृत्यु क्लेम अथवा पालिसी के टर्म के समापन पर मैचूरिटी क्लेम मिलेगा । परन्तु तीन साल के अन्दर अगर मृत्यु हो जाये और वह नोर्मल मृत्यु हो , तो यह हो सकता है कि कूछ तथ्य छुपाया गया हो ,वैसे स्थितियों में उसे अर्ली डेथ कहा जाता है और क्लेम में छानबीन थोड़ा ज्यादा हो जाता है ।  डैथ क्लेम :- अगर यह निश्चित हो जाये...

ईरडा ( IRDA ) क्या है और यह क्या काम करती है

आई आर डी ए आई  ( ईरडा  ) क्या है ? आई आर डी ए आई ( ईरडा) को जाने :-   आई आर डी ए आई  एक स्वायत्त निकाय है जो कि आई आर डी ए आई अधिनियम 1999 के तहत स्थापित किया गया । आई आर डी ए आई का लक्ष्य बीमाधारकों के हितों का रक्षा करना तथा बीमा उधोग को विनियम और विकास करना है । बीमा अधिनियम 1938 की धारा 114ऐ के अन्तर्गत बीमा उधोग को विनियम और विकास को बनाये रखना आई आर डी ए आई के गतिविधियों में शामिल है । ईरडा के कार्य:- आई आर डी ए आई के द्वारा वर्ष 2000 से नये बीमा कम्पनी को विनियमों के अनुरूप पंजीकृत करता है । बीमा उधोग के स्वस्थ विकास के लिए तथा पालिसी धारक के हितों का सुरक्षा साथ ही बीमा उधोग के गतिविधियों का पर्यवेक्षन का काम करता है । आई आर डी ए आई बीमा कम्पनियों के मध्य लाइसेंस तथा मणदणड भी निर्धारित करता है । बीमा में व्यवसायीक संगठनों को बढ़ावा देना, बीमा कम्पनी के प्रीमियम  दरों तथा शर्तो का विनियमन एवं निगरानी करना , वितीय प्रतिवेदन , बीमाधारको के निधियों के निवेश विनियमन करना साथ ही बीमा कम्पनी के साल्वेन्सी मार्जिन रखरखाव सुनिश्चित करना है । बीमा बाजार एवं  ...